1 चंदा आया चंदा आया
और तारो का बारात लाया
कभी बड़ा कभी छोटा
कभी शर्माये से पड़ा
स्वच्छ मन सा किरन उसकी
जैसे हाथो को फैलाया
2 चंदा आया चंदा आया
अपने साथ उजियारा लाया
शीतल मंद श्यामल जैसी
एक पाख पूरा तीन तैसी
सब बच्चो का प्यारा मामा
ढेर सारा खिलौना लाया
3 चंदा आया चंदा आया
उसको अपना मामा भाया
नानी से फिर पापड़ खाया
इसलिए आज देर से आया
उसको ढेर कम है आज
इस बात को पापा ने बताया
4 चंदा आया चंदा आया
उसने आज खाना खाया
इस बात को मंम्मी ने बताया
चंदा उसी का प्यारा मामा
जिसने पूरा भोजन खाया
चिंटू ने फिर खाना खाया
मास्टर मुकेश
चंदा आया, चंदा आया,
तारों की बारात वो लाया।
कभी बड़ा, कभी वो छोटा,
कभी शरमाकर छिप सा जाता।
स्वच्छ मन सा उसका उजियारा,
जैसे हाथ फैलाए सारा।
सब बच्चों का प्यारा मामा,
ढेरों खुशियाँ साथ में लाया।
नानी के घर पापड़ खाकर,
आज ज़रा वो देर से आया।
मम्मी बोली—खाना खाकर,
चंदा फिर मुस्काता छाया।
चिंटू ने जब खाना खाया,
चंदा मामा पास में आया।”

