सपनों का संसार और जीवन की हकीकत

सपनों का संसार और जीवन की हकीकत 1. अँधेरी रातों में यादों के जुगनू टिमटिमाने लगे अब तो, दिल के सूने कोने में नए सुर गुनगुनाने लगे अब तो। हकीकत की ज़मीन पर जब भी कोई ज़ख्म मिला, हम ख्वाबों की दुनिया में दिल बहलाने लगे अब तो। 2. जो कभी बंद आँखों का एक म…

बेहतर की तलाश और चार दिन की ज़िंदगी

बेहतर की तलाश और चार दिन की ज़िंदगी 1. चार दिन की जिंदगी है, दो दिन बातों में निकल गए, जो कल तक अपने थे, वो बेहतर की तलाश में बदल गए। गुरूर किस बात का करें हम, इस मिट्टी के जिस्म पर, यहाँ बड़े-बड़े सिकंदर भी, आख़िर मिट्टी में मिल गए। 2. हम क्या थे और …

वही राम कहाते है

वही राम कहाते हैं 1. सांसों का पंछी उड़ रहा, तू कुछ तो इसका ख्याल कर, यह वक्त हाथ से फिसल रहा, यूँ न इससे मज़ाक कर। बेतहाशा इस भीड़ में यहाँ, कुछ भी नहीं है मिलता, जो डूबकर भी हर बड़ी मुश्किल को हँसकर पाल लेते हैं। 2. वक्त न तुझको कम मिला, न मुझे कतरा …

यात्रा

हमारे जैसे लोगो की मूलतः एक विचित्र समस्या होती है वह यह है क्या किया जाय क्यूकि ऐसा कुछ भी नहीं जो किसी ने पहले से न किया हो सच ये भी है की जिन्होंने प्रयास किया वे सब के सब सफल भी हुये | संसार के सारे व्यक्तियों की अगर बात किया जाय तो यही मालूम…

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