ऐ बादल, तू बैठ ना अभी 1. ऐ बादल, तू बैठ ना अभी, ज़रा मन की प्यास बुझाने दे। बरसों से सूखी इस धरती को, फिर सावन के गीत सुनाने दे। 2. तू आया है तो वादी में, एक ठंडी सी बहार आई है। इस तपते हुए सूने दिल को, मदहोश ज़रा हो जाने दे। 3. घिर आया है तू गगन मे…