जय हो जय हो तेरी जय हो- जय हो जय हो तेरी जय हो
1 ये नदिया ये दरिया सब तेरी ही काया
हर क्षण तुझको देखा हर क्षण तुझको पाया
जय हो ---------------------------
2 ये गुलशन ये डलिया सबही को सुहाया
इस सुंदर बगिया को तूने ही सजाया
जय हो -------------------------------
3 ये सूरज का चमकना ये चिडियों का चहकना
इस सुंदर छटा को तूने ही बनाया
जय हो -------------------------------
4 ये तारो की झुरमुटये चादनी नजारा
इस रंगीन दुनिया को तूने ही सजाया
जय हो -----------------------------
5 ये सासों का चलना ये दिलो का धड़कना
इस ऐहसास को तूने कैसे बनाया
जय हो --------------------------------
मास्टर मुकेश
जय हो, जय हो, तेरी जय हो,
जय हो, जय हो, तेरी जय हो।
ये नदिया, ये दरिया सब तेरी ही काया,
हर क्षण तुझको देखा, हर क्षण तुझको पाया।
जय हो…
ये गुलशन, ये डालियाँ सबको हैं भाया,
इस सुंदर बगिया को तूने ही सजाया।
जय हो…
ये सूरज का चमकना, ये चिड़ियों का गाना,
इस सुंदर छटा को तूने ही बनाया।
जय हो…
ये तारों की झुरमुट, ये चाँदनी नज़ारा,
इस रंगीन दुनिया को तूने ही संवारा।
जय हो…
ये साँसों का चलना, ये दिलों का धड़कना,
इस एहसास को तूने कैसे रच डाला।
जय हो… ”
